हार्ड को साॅफट बनाने में, आपको अंदर से सुपर साॅफट और सुपर हार्ड होना पड़ेगा जो कि आध्यात्म द्वारा ही संभव है। आपकी वाणी एक ऐसा शस्त्र जो अनेक आत्माओं के कमजोरीयों के बंधन काट सकता है , उन्हें नयी जीवन जीने की राह दिखा सकता है, उनमें नयी उर्जा का संचार कर सकता है। आपके अनुभव की शक्ति दूसरों को परिवर्तन होने की राह दिखाने में सक्षम है। आपकी समर्थी(शक्ति )सिर्फ आपके अपने तक सीमित नहीं है , बल्कि अनेकों के उत्थान के लिए है जो आपके आस पास है। जीवन की परिस्थितियां चुनौती है,इनका आह्वान करने वाला ,इन पर जीत पाने वाला व्यक्ति ही महावीर है,शिव शक्ति है। इंतजार में समय गंवाने वाला व्यक्ति कमजोरियों का आह्वान करता है और अपने भाग्य से भी वंचित हो जाता है। निस्वार्थ भाव से किए हुए कर्म जीवन को चमकाते हैं और जीवन की शान को बढ़ाते हैं। अपने स्वयं का टीचर बन स्वयं को पढ़ाने वाले अपने साथ अनेको के लिए पुण्य की पूंजी जमा कराने के निमित्त बनाता है । किसी की भलाई के , सन्मार्ग पर लाने के लिए किए गए कर्म श्रेष्ठ है भले ऐसे कर्मों को कितने opposition का सामना क्यों न करना पड़े। आपकी सत्यता ...
सभी से सीखने वाला , झुकने वाला व्यक्ति अपनी क्षमता से कहीं अधिक प्राप्ति करता है और दूसरों को भी कहीं ज्यादा आगे बढ़ने के उमंग लाता है। आपको समय पर सीखाने,सहारा देने वाले व्यक्तियों का हमेशा दिल से आभार माने,आभार की शक्ति आपकी अनेक सोई हुई क्षमताओं और शक्तियों को जागृत करेगी। बीती बातों को विदाई देने का अर्थ है, उनसे सीख लेकर, भविष्य के लिए अपने को तैयार करना। परिवर्तन की शक्ति से अपनी पास्ट की भूलों को ऐसा मिटा दो ,जैसे कभी थी ही नहीं। स्नेह का अर्थ सिर्फ इतना नहीं है कि जिसे जो पसंद है, उसे वह दे दो,करने दो, बल्कि उनको उनके भविष्य के लिए, उनके जीवन में आने वाली अनेक परिस्थितियों के लिए उनको तैयार करना ही सच्चा स्नेह है। दूसरों को सशक्त बनाने में अगर स्वयं को थोड़ा सहन भी करना पड़े,झुकना भी पड़े तो ये आपको अनेक ईश्वरीय शक्तियों का मालिक बना देगा। प्रकृति द्वारा आए हुई चुनौतीयों को मास्टर प्रकृतिपति बन कर ऐसे जीत लो जैसे, ये प्रकृति आपकी सेवा में हाजिर हो और आपके order पर सब कार्य करती हो।